झारसुगुड़ा: ओडिशा के झारसुगुड़ा और सुंदरगढ़ से बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां 10वीं के श्राद्ध कर्म के दौरान आयोजित भोज खाने के बाद चार लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग बीमार पड़ गए। शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग को इस हादसे की वजह माना जा रहा है। दोनों जिलों में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें जांच में जुट गई हैं।
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सबसे पहला मामला सुंदरगढ़ जिले के हेमगिरी ब्लॉक के नुआडीही गांव से सामने आया। यहां एक परिवार में 10वीं का श्राद्ध कार्यक्रम आयोजित किया गया था। गांव के कई लोग इस भोज में शामिल हुए थे और भोजन किया था। भोज खाने के कुछ समय बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं होने लगीं। देखते ही देखते हालात गंभीर हो गए।
बीमार लोगों को तुरंत हेमगिरी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 10 अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच टीम बनाई है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर भोजन में ऐसा क्या था जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए। खाने के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।
झारसुगुड़ा जिले की है दूसरी घटना
इसी तरह की दूसरी घटना झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर ब्लॉक के अताबिरा सोनाखाइन गांव में सामने आई। यहां भी श्राद्ध भोज खाने के बाद दो महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय झांसी खड़िया और 60 वर्षीय सुकांति खड़िया के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं सुंदरगढ़ जिले के नुआडीही गांव में काम करने गई थीं। वहां आयोजित श्राद्ध भोज में उन्होंने खाना खाया था। इसके बाद वे गुरुवार को अपने गांव लौट आईं। घर लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें शुक्रवार को झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान दोनों महिलाओं की मौत हो गई।
सोनाखान गांव के सरपंच ने कहा,"आज हमारे सोनाखान गांव में एक बहुत दुखद घटना घटी है। पिछले गुरुवार को हमारे सोनाखान गांव से लगभग 25 लोग भोज खाने के लिए सुंदरगढ़ जिले के नुआडीही गांव गए थे। जिनमें से गंभीर रूप से बीमार होने के कारण पांच लोगों को झारसुगुड़ा के सरकारी अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया था। झारसुगुड़ा से उन्हें बुरला रेफर कर दिया गया। बुरला में आईसीयू न होने के वजह से उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया था। दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि पांच लोग अभी भी इलाजरत हैं। मैं सरकार से निवेदन कर रहा हूं कि जिन दो लोगों की मौत हुई है, उनके परिवारों को सहायता राशि प्रदान की जाए। साथी इलाजरत लोगों के इलाज का खर्च माफ किया जाए। आज लखनपुर सीएचसी और पीएचसी से डॉक्टरों की टीम आकर गांव में लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। और सामान्य रूप से बीमार मरीज का इलाज भी कर रही है। मैं आशा कर रहा हूं कि सरकार बीमार लोगों का ख्याल रखेगी और अमृत लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।"
फिलहाल बाकी बीमार लोगों की हालत पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में जाकर लोगों की जांच कर रही हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े। इन दोनों घटनाओं के बाद पूरे इलाके में चिंता का माहौल है। ग्रामीण इलाकों में सामूहिक भोज और धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में भोजन की साफ-सफाई और गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। (रिपोर्ट- ओडिशा से शुभम कुमार)